देशभक्ति

हमारी राष्ट्रीयता का आधार “भारत माता” है, केवल भारत नहीं। माता शब्द हटा दीजिये तो भारत जमीन का एक टुकड़ा मात्र रह जायेगा। इस भूमि का और हमारा ममत्व तब आता है, जब माता वाला संबंध जुड़ता है, कोई भी भूमि तब तक देश नहीं कहला सकती, जब तक कि उसमे किसी जाती का मातृक ममत्व नहीं, ऐसा ममत्व जैसा पुत्र का माता के प्रति होता हो। यही देशभक्ति है।

Author: दीनदयाल उपाध्याय