हिंदू संस्कार से एकात्मकता

आज आवश्यकता है देश की एकता को बलवान करनेवाली संस्कार करने की। वे संस्कार हैं हिंदू संस्कार। हिंदू को सारे देश की नदियाँ प्रिय हैं। सारे देश के अंदर उसके तीर्थ बिखरे हुए हैं। चारों कोनो पर उसके धाम हैं। सम्पूर्ण देश के महापुरुष उसके लिए महापुरुष हैं। हिंदुत्व का यह भाव देश की एकता को मज़बूत करने के लिए है। उसको बलवान करना होगा। इस देश के अंदर रहने वाला व्यक्ति यह अनुभव कर ले की हम सब ऋषियों की संतान हैं, राम कृष्ण के माननेवाले हैं, हमारी परम्परायें एक हैं, महाभारत, गीता, रामायण के प्रति हमारी समान श्रद्धा है। त्याग और वैराग्य के गुणों की उपासना करने वाले हमारे अनेक पंथ हैं। पंथ हमारे अलग होंगे, हमारी पद्धतियाँ अलग होंगी; पर हमारा धर्म एक है, भारतमाता एक है, संस्कृति एक है। यह अनुभव होने पर ही इस राष्ट्र की समस्याओं का हाल हो सकता है।

Author: रज्जु भैया

Source: हमारे रज्जु भैया पृष्ठ २३५