आदौ संघटयेद् राष्ट्

आदौ संघटयेद् राष्ट्रं ततः कांक्षेत् समुन्न्तिम्।
संघशक्तिं विना राष्ट्रंकुतोवा कुत उन्नतिः।।

सवप्रर्थम राष्ट्र का संगठन करे, तत्पश्चात समुन्नति की आकांक्षा करे। संगठित शक्ति के बिना राष्ट्र कहाँ और समुन्नति कहाँ?

सुभाषितम् Page 27