स्वकार्ये शिथिलो

Subhashita

स्वकार्ये शिथिलो यः स्यात् किमन्येन भवेदिह
जागरुकः स्वकार्ये यः तत्सहायाश्च तत्समाः

Hind meaning

जो मनुष्य स्वयं अपने कार्य में शिथिल हो तो उसके सहयोगी भी कार्य में उदासीन क्यों न होंगे? यदि व्यक्ति अपने कार्य में सचेष्ट रहेगा तो उसके सहयोगी भी उसके समान ही आचरण करेंगे।

Source

सुभाषितम् -Page 38